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Showing posts from August, 2025

Krabbe बीमारी को समझें आसान भाषा में:

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 krabbe रोग क्या है Krabbe रोग एक दुर्लभ आनुवंशिक (genetic) बीमारी है जो दिमाग और नसों (nervous system) को प्रभावित करती है। इसमें शरीर का मायलिन (myelin) नाम का सुरक्षात्मक आवरण नष्ट होने लगता है। मायलिन नसों के चारों ओर होता है और नसों के संदेश को तेज़ी से पहुंचाने में मदद करता है। जब यह खराब होता है तो शरीर के अलग-अलग हिस्से सही से काम नहीं कर पाते। यह रोग आमतौर पर बच्चों में जन्म के कुछ महीनों के भीतर दिखना शुरू होता है, लेकिन कभी-कभी यह बड़े बच्चों या बड़ों में भी हो सकता है। Krabbe रोग के कारण यह बीमारी GALC नाम के जीन में बदलाव (mutation) के कारण होती है। यह जीन शरीर को एक ज़रूरी एंज़ाइम बनाने का निर्देश देता है। जब यह एंज़ाइम नहीं बनता, तो शरीर में कुछ हानिकारक पदार्थ जमा होने लगते हैं जो मायलिन को नुकसान पहुँचाते हैं। चूंकि यह बीमारी आनुवंशिक है, इसलिए माता-पिता दोनों में इस जीन का बदलाव होना चाहिए ताकि बच्चा इस रोग से प्रभावित हो। Krabbe रोग किसे होता है Krabbe रोग उन बच्चों को होता है जिनके माता-पिता दोनों में ...

सिंगल-जीन डिसऑर्डर क्या है और इसे कैसे समझें

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 सिंगल-जीन डिसऑर्डर क्या है सिंगल-जीन डिसऑर्डर वह बीमारी होती है जो केवल एक जीन की गड़बड़ी के कारण होती है। हमारे शरीर की हर क्रिया, अंग और विशेषता जीन से नियंत्रित होती है। अगर किसी एक जीन में बदलाव हो जाए तो यह बीमारी पैदा कर सकता है। यह बीमारियाँ अक्सर माता-पिता से बच्चों में पास होती हैं लेकिन कभी-कभी नई गड़बड़ी (mutation) के कारण भी होती हैं। सिंगल-जीन डिसऑर्डर के प्रकार सिंगल-जीन डिसऑर्डर तीन मुख्य प्रकार के होते हैं। ऑटोसोमल डॉमिनेंट में अगर माता-पिता में एक जीन खराब हो तो बच्चा भी प्रभावित हो सकता है। ऑटोसोमल रिसेसिव में बच्चा तभी प्रभावित होता है जब दोनों माता-पिता से खराब जीन मिले। एक्स-लिंक्ड डिसऑर्डर ज्यादातर पुरुषों में होता है क्योंकि पुरुषों में केवल एक X क्रोमोसोम होता है सिंगल-जीन डिसऑर्डर के लक्षण लक्षण जीन और प्रभावित अंग पर निर्भर करते हैं। आम लक्षणों में शरीर में कमजोरी, थकान, त्वचा या रक्त की समस्या, पाचन या सांस की दिक्कत, विकास में देरी, मांसपेशियों की कमजोरी और याददाश्त में परेशानी शामिल हैं। शुरुआत म...

मार्फन सिंड्रोम: पहचान, टेस्ट और उपचार की पूरी जानकारी:

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 मार्फन सिंड्रोम क्या है मार्फन सिंड्रोम एक आनुवंशिक (genetic) विकार है जो शरीर के connective tissues को प्रभावित करता है। ये tissues हड्डियों, लिगामेंट्स, आंखों, हृदय और रक्त वाहिकाओं को सहारा देते हैं। इस सिंड्रोम से पीड़ित लोग सामान्य से अधिक लंबे और दुबले दिखाई देते हैं तथा उनके हाथ-पाँव का आकार असामान्य रूप से बड़ा होता है। मार्फन सिंड्रोम के मुख्य कारण क्या हैं यह बीमारी FBN1 नामक जीन में बदलाव (mutation) के कारण होती है। यह जीन fibrillin-1 नामक प्रोटीन बनाने में मदद करता है जो connective tissue को मजबूत बनाता है। जब यह प्रोटीन सही मात्रा में नहीं बनता तो connective tissues कमजोर हो जाते हैं और शरीर के विभिन्न अंगों पर असर डालते हैं। क्या मार्फन सिंड्रोम वंशानुगत है हाँ, यह पूरी तरह वंशानुगत बीमारी है। अगर माता-पिता में से किसी एक को यह समस्या है, तो बच्चे में 50% संभावना होती है कि वह इसे विरासत में पाए। हालांकि कुछ मामलों में यह नई mutation के कारण भी हो सकता है। मार्फन सिंड्रोम के शुरुआती लक्षण क्या हैं शुरुआत में इसके लक्...

Marfan Syndrome क्या है? जानिए इसके कारण, लक्षण और इलाज

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 1. मार्फन सिंड्रोम क्या है? मार्फन सिंड्रोम एक आनुवंशिक बीमारी है जो शरीर के संयोजी ऊतकों को प्रभावित करती है। इसमें हड्डियाँ, जोड़, दिल, आँखें और अन्य अंग कमजोर हो जाते हैं, जिससे शरीर की बनावट और कार्य प्रभावित होता है। यह बीमारी जन्मजात होती है और लंबे समय तक शरीर को प्रभावित करती रहती है। 2. मार्फन सिंड्रोम का कारण क्या होता है? इसका कारण शरीर में फाइब्रिलिन-1 नामक प्रोटीन बनाने वाले जीन में बदलाव (म्यूटेशन) होता है। यह प्रोटीन शरीर के संयोजी ऊतकों को मजबूत करता है। जब यह ठीक से नहीं बनता तो ऊतक कमजोर हो जाते हैं और बीमारी होती है। 3. मार्फन सिंड्रोम के मुख्य लक्षण क्या हैं? शरीर का लंबा और पतला होना उंगलियाँ और पैर की हड्डियाँ असामान्य रूप से लंबी होना जोड़ों का अधिक लचीला होना छाती की असामान्य आकृति आँखों में लेंस की जगह बदल जाना दिल की धमनी और वाल्व की कमजोरी 4. मार्फन सिंड्रोम किस उम्र में दिखता है? यह बीमारी जन्म से ही होती है,  लेकिन इसके लक्षण बचपन या किशोरावस्था में अधिक स्पष्ट रूप से दिखने ...

Tay-Sachs रोग क्या है? इसके लक्षण और बढ़ने की प्रक्रिया

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 Tay-Sachs रोग क्या है? Tay-Sachs एक दुर्लभ और घातक अनुवांशिक विकार है जो शरीर में एक विशेष एंजाइम की कमी के कारण होता है। इस एंजाइम का नाम है Hexosaminidase A, जो तंत्रिका कोशिकाओं में वसा के जमा होने से रोकता है। इसकी अनुपस्थिति में वसा जमा होने लगती है, जिससे मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी की कोशिकाएं धीरे-धीरे क्षतिग्रस्त होने लगती हैं। Tay-Sachs रोग कैसे होता है? यह रोग ऑटोसोमल रिसेसिव पैटर्न से फैलता है — यानी जब किसी बच्चे को दोनों माता-पिता से यह दोषपूर्ण जीन मिलता है तभी यह रोग विकसित होता है। यदि माता-पिता केवल वाहक हों, तो बच्चा सामान्य हो सकता है या केवल वाहक भी हो सकता है। Tay-Sachs रोग के लक्षण Tay-Sachs के लक्षण बच्चे के जीवन के पहले छह महीनों में प्रकट होने लगते हैं। जैसे-जैसे बीमारी बढ़ती है, लक्षण और गंभीर होते जाते हैं। शुरुआती लक्षण (6 महीने तक): मांसपेशियों में कमजोरी सिर को सीधा न रख पाना आँखों में "चेरी-रेड स्पॉट" (विशेष लाल निशान) ध्वनि या रोशनी से असामान्य प्रतिक्रिया माइलस्टोन में देरी (जैसे ब...