शिशुओं में हीमोफीलिया: जानें इसके लक्षण और सावधानियाँ
हीमोफीलिया क्या है? हीमोफीलिया एक आनुवंशिक रक्त विकार (genetic blood disorder) है जिसमें शरीर के पास पर्याप्त मात्रा में वह प्रोटीन नहीं होता जो रक्त को जमाने (clot) में मदद करता है। इसका मतलब यह है कि यदि बच्चे को चोट लग जाए या अंदरूनी रक्तस्राव हो, तो उसका खून सामान्य रूप से नहीं जमता और खून बहता ही रहता है। शिशुओं में यह बीमारी धीरे-धीरे स्पष्ट होती है, क्योंकि शुरुआती महीनों में बच्चे को ज़्यादा चोट या सर्जरी नहीं होती। लेकिन जैसे-जैसे बच्चा बढ़ता है और चलना-फिरना शुरू करता है, वैसे-वैसे इसके लक्षण सामने आने लगते हैं। हीमोफीलिया के प्रकार हीमोफीलिया A – फैक्टर VIII की कमी हीमोफीलिया B – फैक्टर IX की कमी (दोनों ही शिशुओं में हो सकते हैं) शिशुओं में हीमोफीलिया के लक्षण कैसे पहचानें? 1. अत्यधिक खून बहना (Excessive bleeding) टीकाकरण के समय सुई की जगह से खून रुकने का नाम नहीं लेता मुंह, मसूड़े या जीभ से बार-बार खून बहना मामूली कट पर भी देर तक खून बहना 2. अंदरूनी रक्तस्राव (Internal Bleeding) चोट लगने पर बाहर खून ना निकल...